जाने तिरुपति बाला मंदिर के बारे में (About of Tirupati Balaji's temple) - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Tuesday, 28 April 2020

जाने तिरुपति बाला मंदिर के बारे में (About of Tirupati Balaji's temple)



आंध्र प्रदेश के तिरुमाला में तिरुपति बालाजी का मंदिर स्थित हैं। तिरुपति बालाजी को वेंकटेश्वर, श्रीनिवास और गोविंदा के नाम से भी जाना जाता है। तिरुमाला में स्थित यह मंदिर सबसे अमीर मंदिरों में से एक माना जाता है। यहां हर वर्ग के लोग बालाजी के दर्शन करने आते हैं। यहां फिल्मी सितारों से लेकर राजनेता आदि सभी दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर को लेकर कई मान्यताएं विश्वास हैं। जिसकी वजह से यह इतना प्रसिद्ध है।

15वीं शताब्दी में तिरुपति बालाजी मंदिर को प्रसिद्धि मिली। इतिहासकारों का मानना है कि 5वीं शताब्दी में यह हिंदुओं का प्रमुख धार्मिक केंद्र था। और 9वीं शताब्दी में कांचीपुरम के पल्लव शासकों ने इस पर कब्जा कर लिया था। तमिल साहित्य में तिरुपति को त्रिवेंगम कहा गया है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर की उत्पत्ति वैष्णव संप्रदाय ने की। इस संप्रदाय की मान्यता समानता में है। और शायद यही वजह है कि यहां हर वर्ग के लोग दर्शन करने आते हैं।

Tirupati Balaji's temple is located in Tirumala, Andhra Pradesh. Tirupati Balaji is also known as Venkateswara, Srinivasa and Govinda. Located in Tirumala, this temple is considered to be one of the richest temples. People of every class come here to see Balaji. From film stars to politicians, everyone comes here to visit. There are many beliefs about this temple. Because of which it is so famous.

The Tirupati Balaji temple gained fame in the 15th century. Historians believe that it was a major religious center of Hindus in the 5th century. And it was captured by the Pallava rulers of Kanchipuram in the 9th century. Tirupati has been called Trivangam in Tamil literature. It is believed that this temple originated from the Vaishnava sect. The belief of this sect is in equality. And perhaps this is the reason that people of all classes come here to visit.


1. इस मंदिर के मुख्य द्वार के दरवाजे के दाईं ओर एक छड़ी रखी है। जिस छड़ी से बालाजी की बचपन में पिटाई की गई थी। और इसी वजह से उनकी थोड़ी में चोट लग गई। और तब से लेकर आज तक उनकी थोड़ी में चंदन का लेप लगया जाता है। ताकि घाव भर जाए।

2. अब बालाजी के ठोड़ी पर चंदन लगाना एक प्रथा बन गया है।

3. भगवान बालाजी के सिर पर आज भी रेशमी बाल हैं और उनमें उलझने नहीं आती और वह हमेशा ताजा लगते हैं।

4. मंदिर से 23 किलोमीटर दूर एक गाँव है, उस गाँव में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश निषेध है। वहाँ पर लोग नियम से रहते हैं। वहां की महिलाएँ ब्लाउज नहीं पहनती। वहीँ से लाए गये फूल भगवान को चढाए जाते है और वहीँ की ही वस्तुओं को चढाया जाता है जैसे- दूध, घी, माखन आदि।

5. भगवान बालाजी गर्भगृह के मध्य भाग में खड़े दिखते है मगर वे दाई तरफ के कोने में खड़े हैं बाहर से देखने पर ऎसा लगता है।




1. A stick is placed to the right of the door of the main gate of this temple. The stick with which Balaji was beaten in childhood. And because of this, he got hurt in some way. And from then till today some sandalwood paste is applied on them. So that the wound heals.

2. Now sandalwood has become a custom on Balaji's chin.

3. Lord Balaji still has silky hair on his head and does not get entangled in them and he always looks fresh.

4. There is a village 23 km away from the temple, outsider entry into that village is prohibited. People live by the rules there. The women there do not wear blouses. Flowers brought from there are offered to God and the same items are offered like milk, ghee, butter etc.

5. Lord Balaji is seen standing in the middle of the sanctum sanctorum, but he is standing in the corner on the right side.

6. बालाजी को सजाने के लिए धोती और साड़ी का प्रयोग किया जाता है। उन्हें ऊपर साड़ी और नीचे धोती पहनाई जाती है।

7. गर्भगृह में चढाई गई किसी वस्तु को बाहर नहीं लाया जाता, बालाजी के पीछे एक जलकुंड है उन्हें वहीं पीछे देखे बिना उनका विसर्जन किया जाता है।

8. बालाजी की पीठ को जितनी बार भी साफ करो, वहाँ गीलापन रहता ही है, वहाँ पर कान लगाने पर समुद्र घोष सुनाई देता है।

9. बालाजी के वक्षस्थल पर लक्ष्मीजी निवास करती हैं। हर गुरूवार को निजरूप दर्शन के समय भगवान बालाजी की चंदन से सजावट की जाती है उस चंदन को निकालने पर लक्ष्मीजी की छवी उस पर उतर आती है। बाद में उसे बेचा जाता है।

10. बालाजी के जलकुंड में विसर्जित वस्तुएं तिरूपति से 20 किलोमीटर दूर वेरपेडु में बाहर आती हैं।

11. गर्भगृह में जलने वाले चिराग कभी बुझते नही हैं, वे कितने ही हजार सालों से जल रहे हैं किसी को पता भी नही है।

12. बताया जाता है सन् १८०० में मंदिर परिसर को 12 साल के लिए बंद किया गया था। किसी एक राजा ने 12 लोगों को गलती करने पर उन्हें मारकर दीवार पर लटकाया था उस समय विमान वेंकटेश्वर प्रकट हुए ,ऐसा कहा जाता है।

13. तिरुपति बालाजी की मूर्ति हमेशा नम रहती है।

14. बालाजी मंदिर में भगवान की मूर्ति की सफाई के लिए विशेष तरह का कपूर लगाया जाता है। यह कपूर जब दीवार पर लगाया जाता है तब वह टूट जाता है। और बालाजी की मूर्ति पर लगाया जाता है तो ऐसा कुछ नहीं होता।

15. इस मंदिर में जो लोग दर्शन करने आते हैं वे अपने सिर के बालों को चढ़ाते हैं। यह बाल उनकी आर्थिक सहायता करते हैं। ताकि वे धन कुबेर का ऋण उतार सकें।

16. यह कहा जाता है कि तिरुपति मंदिर की यात्रा तभी पूरी होती है जब उनकी पत्नी पद्मावती जो कि लक्ष्मी की अवतार थीं, के मंदिर की यात्रा की जाए। माता पद्मावती का मंदिर तिरुपति मंदिर से पांच किलोमीटर दूर है।


उपरोक्त वे कारण हैं जिनकी वजह से तिरुपति मंदिर की प्रसिद्धि है। तिरुपति मंदिर एक दर्शनीय स्थल है। जो भक्त सच्ची श्रद्धा से भगवान बालाजी के दर्शन के लिए जाता है। उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।
6. Dhoti and sari are used to decorate Balaji. She is wearing a sari at the top and a dhoti at the bottom.

7. Any object offered in the sanctum sanctorum is not brought out, there is a cistern behind Balaji, they are immersed without looking back there.

8. As often as you clean the back of Balaji, there remains wetness, the sea Ghosh is heard on applying ear there.

9. Laxmiji resides at Balaji's chest. On every Thursday, Lord Balaji is decorated with sandalwood at the time of his darshan darshan. After removing that sandalwood, the image of Lakshmi ji comes down on him. It is later sold.

10. Objects immersed in the water tank of Balaji come out at Verpedu, 20 km from Tirupati.

11. The lamps that burn in the sanctum sanctorum are never extinguished, no one knows how many thousand years they have been burning.

12. It is said that in 1700, the temple complex was closed for 12 years. It was said that one of the kings had killed 12 people and made them hang on the wall when the aircraft Venkateswara appeared.

13. Tirupati Balaji's idol is always moist.

14. A special type of camphor is applied in the Balaji temple for cleaning the idol of God. This camphor breaks when it is applied to the wall. And nothing is done when a statue of Balaji is put on it.

15. People who come to visit this temple offer their head hair. These children help them financially. So that they can take the money of Kuber.
16. It is said that a visit to the Tirupati temple is completed only when a visit to the temple of his wife Padmavati, who was an incarnation of Lakshmi. The temple of Mata Padmavati is five kilometers from Tirupati temple.

The above are the reasons which led to the fame of Tirupati temple. Tirupati temple is a scenic spot. The devotee who goes to darshan of Lord Balaji with true devotion. His wish is definitely fulfilled.

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