Bhairav ​​Avtaar भैरव अवतार - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Wednesday, 22 April 2020

Bhairav ​​Avtaar भैरव अवतार


1. क्रोध भैरव (क्रोध भैरव)
क्रोध भैरव गहरे नीले रंग के शरीर वाले हैं। उनकी तीन आंखें हैं और सभी ऑपों में। भगवान भैरव के इस रूप का वाहन गरुड़ हैं और ये दक्षिण-पश्चिम दिशा के स्वामी माने जाते हैं। स्वभाव भैरव की पूजा-अर्चना करने से सभी परेशानियों और बुरी देर से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।


 Krodha Bhairav ​​(Krodha Bhairav)
Krodha Bhairava is of dark blue body. He has three eyes and in all ops. Garuda is the vehicle of this form of Lord Bhairav ​​and is considered the lord of the south-west direction. Worshiping the nature of Bhairav ​​increases the ability to fight against all the problems and bad times.

2. कपल भैरव (कपल भैरव)
इस रूप में भगवान का शरीर चमकीला है और इस रूप में भगवान की सवारी हाथी है। भगवान भैरव के इस रूप की पूजा-अर्चना करने से कानूनी कारवाइयां बंद हो जाती हैं। अटके हुए काम पूरे होते हैं और सभी कामों में सफलता मिलती है। कपल भैरव अपने एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में तलवार, तीसरे में शस्त्र और चौथे में एक पात्र पकड़े हुए हैं।

 Couple Bhairav ​​(Couple Bhairav)
In this form the body of God is shining and in this form the elephant riding God is. Worshiping this form of Lord Bhairav ​​stops legal proceedings. Stuck works are completed and all work is successful. Kapal Bhairav ​​is holding the trident in one hand, the sword in the other, the weapon in the third and a vessel in the fourth.


3. असितांग भैरव (असितांग भैरव)
असितांग भैरव का रूप काला है। उन्होने गले में सफेद कपालो की माला पहन रखी है और हाथ में भी एक कपाल धारण किए हुए हैं। तीन आँखों वाले असितांग भैरव की सवारी हंस है। भगवान भैरव के इस रूप की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य में कलात्मक ऊर्जा बढ़ रही हैं।


Asitang Bhairav ​​(Asitang Bhairav)
Asitang Bhairava's form is black. He is wearing a garland of white skulls around his neck and is also holding a skull in his hand. The three-eyed Asitang Bhairava rides is a swan. By worshiping this form of Lord Bhairav, artistic energy is increasing in humans.

4. चंदा भैरव (चंदा भैरव)
इस रूप में भगवान का रंग सफेद है और वे मोर की सवारी किए हुए हैं। भगवान की तीन आंखें हैं और एक हाथ में तलवार और दूसरे में एक पात्र, तीसरे हाथ में तीर और चौथे हाथ में धनुष लिए हुए हैं। चंद भैरव की पूजा करने से दुश्मनों पर विजय मिलती है और हरकी परिस्थिति से लड़ने की क्षमता आती है।


Chanda Bhairav ​​(Chanda Bhairav)
In this form the color of God is white and they are riding peacocks. God has three eyes and carries a sword in one hand and a vessel in the other, arrows in the third hand and bow in the fourth hand. Worshiping Chand Bhairava brings victory over enemies and brings the ability to fight against every situation.

5. गुरु भैरव (गुरु भैरव)
गुरु भैरव हाथ में कपल, कुल्हाड़ी, एक पात्र और तलवार पकड़े हुए हैं। यह भगवान का नग्न रूप है और इस रूप में भगवान की सवारी बैल है। गुरु भैरव के शरीर पर सांप लिपटा हुआ है। उनके तीन हाथों में शस्त्र और एक हाथ में पात्र पकड़े हुए हैं। गुरु भैरव की पूजा करने से अच्छी विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है।


Guru Bhairav ​​(Guru Bhairav)
Guru Bhairava is holding a couple, an ax, a vessel and a sword in his hand. It is the naked form of God and in this form the riding bull of God. The snake is wrapped on Guru Bhairav's body. He is holding arms in one hand and characters in one hand. Worshiping Guru Bhairav ​​leads to good learning and knowledge.

6. संहार भैरव (संहार भैरव)
संहार भैरव का रूप बहुत ही अनोखा है। संहार भैरव नग्न रूप में हैं, उनके शरीर लाल रंग का है और उनके सिर पर कपल स्थापित है, वह भी लाल रंग का है।] इनकी 3 आंखें हैं और उनका वाहन कुत्ता है। संहार भैरव की आठ भुजाएं हैं और उनके शरीर पर सांप लिपटा हुआ है। इसकी पूजा करने से मनुष्य के सभी पाप खत्म हो जाते हैं।


Sanhar Bhairav ​​(Sanhar Bhairav)
The form of the destruction Bhairav ​​is very unique. Sanhar Bhairava is in naked form, his body is of red color and his head is on a couple, he is also of red color.] He has 3 eyes and his vehicle is a dog. Sanhaira Bhairava has eight arms and a snake is wrapped on his body. Worshiping it eliminates all the sins of human beings.

7. अनुदत्त भैरव (उन्मुक्त भैरव)
अग्रत्त भैरव भगवान के शांत स्वभाव का प्रतीक है। उन्मत्त भैरव की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य के मन की सारी नकारात्मकता और सब बुराइयां खत्म हो जाती है। भैरव के इस रूप का स्वरूप भी शांत और सुखद है। अग्रत्त भैरव के शरीर का रंग हल्का पीला है और उनका वाहन घोड़ा है।


Anudatta Bhairava (Unmukt Bhairava)
Agartha Bhairav ​​is a symbol of the calm nature of God. Worshiping the manic Bhairav ​​eliminates all negativity and all evils in the mind of man. The form of this form of Bhairava is also calm and pleasant. Agrat Bhairava's body color is light yellow and his vehicle is a horse.

8. भीषण भैरव (भीषण भैरव)
भीषण भैरव की पूजा करने से बुरी गंध और भूतों से छुटकारा मिलता है। भीषण भैरव अपने एक हाथ में कमल, दूसरे में त्रिशूल, तीसरे में तलवार और चौंथे में एक पात्र पकड़े गए।] भीषण भैरव का वाहन शेर है।


Bhishn Bhairav ​​(horrific Bhairav)
Worshiping Bhairon Bhav gets rid of bad smell and ghosts. Bhishn Bhairava was holding a lotus in one hand, trident in the other, a sword in the third and a vessel in the chanthe.] The vehicle of Bhishn Bhairava is a lion.


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