Bho-Bija / Bhai Tika / Bhai Fota / Bhai Dooj भो-बीजा / भाई टीका / भाई फोटा / भाई दूज - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Sunday, 26 April 2020

Bho-Bija / Bhai Tika / Bhai Fota / Bhai Dooj भो-बीजा / भाई टीका / भाई फोटा / भाई दूज

भाई दूज की लोक कथा
एक बुढ़िया थी| उसके सात बेटे और एक बेटी थी| बेटी की शादी हो चुकी थी| जब भी उसके बेटे की शादी होती, फेरों के समय एक नाग आता  और उसके बेटे को डस लेता था| बेटा वही खत्म हो जाता और बहू विधवा| इस तरह उसके छह बेटे मर गये | सातवे की शादी होनी बाकी थी| इस तरह अपने  बेटों के मर जाने के दुख से बुढ़िया रो रो के अंधी हो गयी थी|

भाई दूज आने को हुई तो भाई ने कहा की मैं बहिन से तिलक कराने जाऊँगा| माँ ने कहा ठीक है|

उधर  जब बहिन को पता चला की उसका भाई आ रहा है तो वह खुशी से पागल होकर पड़ोसन के गयी और पूछने लगी की जब बहुत प्यारा भाई घर आए तो क्या बनाना चलिए? पड़ोसन उसकी खुशी को देख कर जलभुन गयी और कह दिया कि,” दूध से रसोई लेप, घी में चावल  पका| ” बहिन ने ऐसा  ही किया|

उधर भाई जब बहिन के घर जा रहा था तो उसे रास्ते में साँप मिला| साँप उसे डसने को हुआ|

भाई बोला- तुम मुझे क्यू डस रहे हो?

साँप बोला- मैं तुम्हारा काल हूँ| और मुझे तुमको डसना है|

भाई बोला- मेरी बहिन मेरा इंतजार कर रही है| मैं जब तिलक करा के वापस लौटूँगा, तब तुम मुझे डस लेना|

साँप ने कहा- भला आज तक कोई अपनी मौत के लिए लौट के आया है, जो तुम आऔगे|

भाई ने कहा- अगर तुझे यकीन नही है तो तू मेरे झोले में बैठ जा| जब मैं अपनी बहिन के तिलक कर लू तब तू मुझे डस लेना| साँप ने उसकी बात मान ली |

भाई बहिन के घर पहुँच गया| दोनो बड़े खुश हुए| भाई बोला- बहिन, जल्दी से खाना दे, बड़ी भूख लगी है|

बहिन क्या करे| न तो दूध की रसोई सूखे, न ही घी में चावल पके|

भाई ने पूछा- बहिन इतनी देर क्यूँ लग रही है? तू क्या पका रही है?

तब बहिन ने बताया की आज तो पड़ोसन की बातो में आकर गलती हो गयी है |

भाई ने सही रसोई बनाने का सुझाव दिया | बहिन ने एसा ही किया| खाना खा के भाई को बहुत ज़ोर नींद आने लगी| इतने में बहिन के बच्चे आ गये| बोले-मामा मामा हमारे लिए क्या लाए हो?

भाई बोला- में तो कुछ नही लाया| बच्चो ने वह झोला ले लिया जिसमें साँप था| जेसे ही उसे खोला, उसमे से हीरे का हार निकला| बहिन ने कहा- भैया तूने  बताया नही की तू मेरे लिए इतना सुंदर हार लाए हो|

भाई बोला- बहना तुझे पसंद है तो तू लेले, मुझे हार का क्या करना|

अगले दिन भाई बोला- अब मुझे जाना है, मेरे लिए खाना रख दे| बहिन ने उसके लिए लड्डू बना के एक डब्बे मे रख के दे दिए|

भाई कुछ दूर जाकर, थक कर एक पेड़ के नीचे सो गया| उधर बहिन के जब बच्चों को जब भूख लगी तो माँ से कहा की खाना दे दो|


माँ ने कहा- खाना अभी बनने में देर है| तो बच्चे बोले कि मामा को जो रखा है वही दे दो| तो वह बोली की लड्डू बनाने के लिए बाजरा पीसा था, वही बचा पड़ा है चक्की में, जाकर खा लो| बच्चों ने देखा कि चक्की में तो साँप की हड्डियाँ पड़ी है|

यही बात माँ को आकर बताई तो वह बावड़ी सी हो कर भाई के पीछे भागी| रास्ते भर लोगों से पूछती की किसी ने मेरा गैल बाटोई देखा, किसी ने मेरा बावड़ा सा भाई देखा| तब एक ने बताया  की कोई लेटा तो है पेड़ के नीचे, देख ले वही तो नहीं| भागी भागी पेड़ के नीचे पहुची| अपने भाई को नींद से उठाया| भैया भैया कहीं तूने मेरे लड्डू तो नही खाए!!

भाई बोला- ये ले तेरे लड्डू, नहीं खाए मैने| ले दे के लड्डू ही तो दिए थे, उसके भी पीछे पीछे आ गयी|

बहिन बोली- नहीं भाई, तू झूठ बोल रहा है, ज़रूर तूने खाया है| अब तो मैं तेरे साथ चलूंगी|

भाई बोला- तू न मान रही है तो चल फिर|

चलते चलते बहिन को प्यास लगती है, वह भाई को कहती है की मुझे पानी पीना है|

भाई बोला- अब मैं यहाँ तेरे लिए पानी कहाँ से लाउ| देख ! दूर कहीं चील उड़ रहीं हैं,चली जा वहाँ  शायद तुझे पानी मिल जाए|

तब बहिन वहाँ गयी, और पानी पी कर जब लौट रही थी तो रास्ते में देखती है कि एक जगह ज़मीन में 6 शिलाए गढ़ी हैं, और एक बिना गढ़े रखी हुई थी| उसने एक बुढ़िया से पूछा कि ये शिलाएँ कैसी हैं|

उस बुढ़िया ने बताया  कि- एक बुढ़िया है| उसके सात बेटे थे| 6 बेटे तो शादी के मंडप में ही मर चुके हैं, तो उनके नाम की ये शिलाएँ ज़मीन में गढ़ी हैं, अभी सातवे की शादी होनी बाकी है| जब उसकी शादी होगी तो वह भी मंडप में ही मर जाएगा, तब यह सातवी सिला भी ज़मीन में गड़ जाएगी|
यह सुनकर बहिन समझ गयी ये सिलाएँ किसी और की नही बल्कि उसके भाइयों के नाम की हैं| उसने उस बुढ़िया से अपने सातवे भाई को बचाने का उपाय पूछा| बुढ़िया ने उसे बतला दिया कि वह अपने सातवे भाई को केसे बचा सकती है| सब जान कर वह वहाँ से अपने बालो को खुले कर के पागलों की तरह अपने भाई को गालियाँ देती हुई चली|



भाई के पास आकर बोलने लगी- तू तो जलेगा, कुटेगा, मरेगा|

भाई उसके एसे व्यवहार को देखकर चोंक गया पर उसे कुछ समझ नही आया| इसी तरह दोनो भाई बहिन माँ के घर पहुँच गये| थोड़े समय के बाद भाई के लिए सगाई आने लगी| उसकी शादी तय हो गयी|

जब भाई को सहरा पहनाने लगे तो वह बोली- इसको क्यू सहरा बँधेगा, सहारा तो मैं पहनूँगी| ये  तो जलेगा, मरेगा|

सब लोगों ने परेशान होकर सहरा बहिन को दे दिया| बहिन ने देखा उसमें कलंगी की जगह साँप का बच्चा था| बहिन ने उसे निकाल के फैंक दिया|

अब जब भाई घोड़ी चढ़ने लगा तो बहिन फिर बोली- ये घोड़ी पर क्यू चढ़ेगा, घोड़ी पर तो मैं बैठूँगी, ये तो जलेगा, मरेगा, इसकी लाश को चील कौवे खाएँगे| सब लोग बहुत परेशान | सब ने उसे घोड़ी पर भी चढ़ने दिया|

अब जब बारात चलने को हुई तब बहिन बोली- ये क्यों दरवाजे से निकलेगा, ये तो पीछे के रास्ते से जाएगा, दरवाजे से तो मैं निकलूंगी| जब वह दरवाजे के नीचे से जा रही थी तो दरवाजा अचानक गिरने लगा| बहिन ने एक ईंट उठा कर अपनी चुनरी में रख ली, दरवाजा वही की वही रुक गया| सब लोगों को बड़ा अचंभा हुआ|

रास्ते में एक जगह बारात रुकी तो भाई को पीपल के पेड़ के नीचे खड़ा कर दिया|

बहिन कहने लगी- ये क्यू छाव में खड़ा होगा, ये तो धूप में खड़ा होगा| छाँव में तो मैं खड़ी होगी|

जैसे ही वह पेड़ के नीचे खड़ी हुई, पेड़ गिरने लगा| बहिन ने एक पत्ता तोड़ कर अपनी चुनरी में रख लिया, पेड़ वही की वही रुक गया| अब तो सबको विश्वास हो गया की ये बावली कोई जादू टोना सिख कर आई है, जो बार बार अपने भाई की रक्षा कर रही है|अब फेरो का समय था |

जब दुल्हन आई तो उसने दुल्हन के कान में कहा- अब तक तो मैने तेरे पति को बचा लिया, अब तू ही अपने पति को और साथ ही अपने मरे हुए जेठों को बचा सकती है|

फेरों के समय एक नाग आया, वो जैसे ही दूल्हे को डसने को हुआ , दुल्हन ने उसे एक लोटे में भर के उपर से प्लेट से बंद कर दिया| थोड़ी देर बाद नागिन लहर लहर करती आई|

दुल्हन से बोली- तू मेरा पति छोड़|

दुल्हन बोली- पहले तू मेरा पति छोड़|

नागिन ने कहा- ठीक है मैने तेरा पति छोड़ा|

दुल्हन- मुझे तीन बार बोलकर वचन दे |

नागिन ने 3 बार बोला, फिर बोली की अब मेरे पति को छोड़|

दुल्हन बोली- एक मेरे पति से क्या होगा, मुझे मेरे छ जेठ भी चाहिए जिसे नागराज ने धंसा है |

नागिन ने जेठ के भी प्राण दे दिए|

उधर रो रो के बुढ़िया का बुरा हाल था| कि अब तो मेरा सातवा बेटा भी बाकी बेटों की तरह मर जाएगा| गाँव वालों ने उसे बताया कि उसके सभी सात बेटे और बहुये आ रही है |

तो बुढ़िया बोली- गर यह बात सच हो तो मेरी आँखो की रोशनी वापस आ जाए और मेरे सीने से दूध की  धार बहने लगे| एसा ही हुआ| अपने सारे बहू बेटों को देख कर वह बहुत खुश हुई,

बुढिया माई को अपनी बेटी की शक्ति पर विश्वास हो गया |

सब बहिन को ढूँढने लगे| देखा तो वह भूसे की कोठरी में सो रही थी| जब उसे पता चला कि उसका भाई सही सलामत है तो वह अपने घर को चली| उसके पीछे पीछे सारी लक्ष्मी भी जाने लगी|

बुढ़िया ने कहा- बेटी, पीछे मूड के देख! तू सारी लक्ष्मी ले जाएगी तो तेरे भाई भाभी क्या खाएँगे|

तब बहिन ने पीछे मूड के देखा और कहा- जो माँ ने अपने हाथों से दिया वह मेरे साथ चल, बाद बाकी का भाई भाभी के पास रह|

इस तरह एक बहिन ने अपने भाई की रक्षा की| यह कथा हर बहिन को भाई दूज पर सुननी चाहिए |
 Folk tale of Bhai Dooj
There was an old lady. He had seven sons and a daughter. The daughter was married. Whenever his son got married, during the rounds, a snake would come and bury his son. Son would have ended the same and daughter-in-law widow. In this way his six sons died. The seventh was yet to be married. In this way, the old lady became blind from the grief of her sons dying.

When Bhai Dooj came to visit, my brother said that I will go to my sister for tilak. Mother said ok

On the other hand, when the sister came to know that her brother was coming, she went mad with happiness and went to the neighborhood and asked what to make when the very dear brother comes home? On seeing her happiness, the neighbor became waterlogged and said, "Kitchen paste with milk, cook rice in ghee." "The sister did the same.

On the other hand, when the brother was going to his sister's house, he found a snake on the way. The snake happened to bite him.

Brother said- why are you giving me this?

The snake said - I am your time. And I want to bite you.

Brother said - My sister is waiting for me. When I come back after getting Tilak, you bash me.

The snake said- Well till date someone has come back to his death, which you will come.

Brother said- If you are not sure, then sit in my bag. When I tilak my sister, you bash me. The snake obeyed him.

The brother reached his sister's house. Both were very happy. Brother said - sister, give food quickly, is very hungry.

What to do sissy Neither the kitchen of milk dried, nor the rice cooked in ghee.

Brother asked - why is the sister taking so long? What are you cooking?

Then the sister said that today, there has been a mistake in the neighborhood talk.

Brother suggested to make the right kitchen. The sister did the same. After eating the brother started sleeping very hard. So the children of the sister came. Says, uncle, what have you brought for us?

Brother said - I did not bring anything. The children took the bag that contained the snake. As soon as he opened it, a diamond necklace came out of it. The sister said - Brother, you have not told me that you have brought me such a beautiful necklace.

Brother said - If you like to run, then you take me, what should I do to defeat.

Next day brother said - Now I have to go, keep food for me. The sister made laddus for her and gave them in a box.

The brother went some distance, tired and slept under a tree. On the other hand, when the children of the sister got hungry, they asked the mother to give them food.


Mother said- it is still late to cook. So the children said that give the maternal uncle what he has. So he used to brew millet for making laddoos, he is left in the mill and go and eat. The children saw that the snake had bones lying in the mill.

When I told the same thing to my mother, she became a stepmother and ran after her brother. On the way, people used to ask that someone saw my gallon, someone saw my step brother. Then one said that if someone is lying under the tree, see if it is there. Bhagi Bhagi reached under the tree. Raised his brother from sleep. Brother brother, you have not eaten my laddus !!

Brother said - take these ladoos, I did not eat them. Only the laddus were given, but they also followed.

Sister said- No brother, you are lying, you have definitely eaten. Now I will go with you.

Brother said - If you do not believe then move.

While walking, the sister feels thirsty, she tells her brother that I want to drink water.

Brother said - Now where can I bring water for you here? See ! The eagles are flying somewhere, you may get water there.

Then the sister went there, and when she was returning after drinking water, on the way, she sees that in one place there are 6 stone inscriptions in the ground, and one was kept untouched. He asked an old lady how these rocks are.

The old lady said that - there is an old lady. He had seven sons. 6 sons have died in the wedding pavilion itself, so these stones named after them are buried in the ground, the seventh marriage is yet to be done. When he gets married, he too will die in the pavilion itself, then this seventh sila will also fall into the ground.

Hearing this, the sister understood that these silas belonged to someone else, not her brothers. He asked the old lady a way to save his seventh brother. The old lady told her how she could save her seventh brother. Knowing everything, she opened her hair from there and started abusing her brother like crazy.



He came and spoke to his brother- You will burn, be bitten, will die.

The brother was shocked to see his behavior but he did not understand anything. In the same way, both brothers reached the sister's house. After a while, the engagement started for the brother. His marriage was finalized.

When the brother started wearing sahara, he said - Why will I tie it up, sahara, I will wear it. It will burn, it will die.

Everyone got upset and gave it to the sister. The sister saw that there was a snake child in place of the seed. The sister fired her and threw it.

Now when the brother started climbing the mare, the sister again said - It will climb on the mare, I will sit on the mare, it will burn, it will die, its corpses will eat eagle crows. Everyone is very upset. Everyone even allowed him to climb on the mare.

Now when the procession was about to go, then the sister said - why will it come out the door, it will go through the back way, I will go through the door. When she was going under the door, the door suddenly started falling. The sister picked up a brick and kept it in her hand, he stopped the door. Everyone was amazed.

On the way, the procession stopped at one place and the brother stood under a peepal tree.

The sister started saying - this que will stand in the shade, it will stand in the sun. I will stand in the shade.

As she stood under the tree, the tree began to fall. The sister broke a leaf and kept it in her hand, the tree stopped there. Now everyone is convinced that this madman has taught some sorcery, who is protecting his brother again and again. Now it was time for Faro.

When the bride came, she said in the bride's ear - till now I have saved your husband, now you can save your husband as well as your dead brothers.

At the time of the rounds, a snake came, as soon as the groom was about to bash, the bride closed it with a plate on top of a lotus. After a while, the serpent continued to wave.

Bid to the bride - You leave my husband.

The bride said- First you leave my husband.

The serpent said - OK, I left your husband.

Bride - Speak to me thrice.

The serpent spoke 3 times, then said, now leave my husband.

Bride said - what will happen to my husband, I also want my six brothers whom Nagraj has sunk.

The serpent also gave the life of jeth.

On the other hand, Ro Ro's old lady had a bad condition. That now my seventh son will also die like the other sons. The villagers told him that all his seven sons and daughters-in-law were coming.

So the old lady said - if this thing is true then the light of my eyes comes back and the torrent of milk starts flowing from my chest. That's what happened. She was very happy to see all her daughter-in-law sons,

Budhi Mai believed in the power of her daughter.

Everyone started looking for the sister. When seen, she was sleeping in a straw cell. When she came to know that her brother was safe, she went to her house. The whole Lakshmi also started going after her.

The old lady said - Daughter, look behind the mood! If you take all Lakshmi then what will your brother-in-law eat.

Then the sister looked back in the mood and said - The mother who gave it with her hands, walk with me, then the rest of the brother stays with her sister-in-law.

In this way a sister protected her brother. Every sister should hear this story on Bhai Dooj.


सूर्य की संज्ञा से दो संतानें थीं एक पुत्र यमराज और दूसरी पुत्री यमुना। संज्ञा सूर्य का तेज सहन न कर पाने के कारण अपनी छायामूर्ति का निर्माण कर उसे ही अपने पुत्र-पुत्री को सौंपकर वहां से चली गई। छाया को यम और यमुना से किसी प्रकार का लगाव न था, किंतु यम और यमुना में बहुत प्रेम था। यमराज अपनी बहन यमुना बहुत प्रेम करते थे। लेकिन अतिरिक्त कार्यभार के कारण अपनी बहन से मिलने नहीं जा पाते। एक दिन यम अपनी बहन की नाराजगी को दूर करने के लिए मिलने चले गए। यमुना अपने भाई को देख फूले न समाई। भाई के लिए व्यंजन बनाए औऱ आदर सत्कार किया। इस आदर सत्कार औऱ बहन के प्रेम को देखकर यमराज इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने इससे पहले ऐसी आशा भी नहीं की थी। इस खुशी के बाद यम ने अपनी बहन यमुना को विविध भेंट समर्पित की। यम जब बहन से मिलने के बाद विदा लेने लगे तो बहन यमुना से कोई भी अपनी इच्छा का वरदान मांगने के लिए कहा। यमुना ने उनके इस आग्रह को सुन कहा कि भैया... आगर आप मुझे वर देना ही चाहते हैं तो यही वर दीजिए कि आज के दिन प्रतिवर्ष आप मेरे यहां आया करेंगे और मेरा आतिथ्य स्वीकार करेंगे। जानकार मानते हैं कि इस त्योहार का मुख्य उद्देश्य भाई और बहन के बीच प्रेम और बंधन का प्रवाह रखना है।

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