डासना देवी मंदिर-Dasna Devi Temple - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Tuesday, 28 April 2020

डासना देवी मंदिर-Dasna Devi Temple

डासना देवी मंदिर


गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद में कुछ ऐसे देवी-देवाताओं के मंदिरों हैं, जिनमें इतिहास छुपा हुआ है। इनके बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे। ये अंग्रेजों के समय से लेकर महाभारत का अतीत भी अपने अंदर समाए हुए हैं। गाजियाबाद देहात में डासना देवी मंदिर पौराणिक समय से महाभारत के इतिहास से जुड़ा हुआ है।

बताया जाता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां कुछ समय बिताया था। इस मंदिर पर जब हमला हुआ था तो यहां पर देवी देवाताओं की मूर्तियों को मंदिर परिसर में बने एक तालाब में छुपा दिया गया था। नवरात्र पर्व के मौके पर अष्टमी और नवमी के दिन हजारों की संख्या में लोग ऐतिहासिक महत्व वाले डासना स्थित प्राचीन देवी में दर्शन के लिए आते हैं। लोग अपने परिवार के लोगों की सुख शांति के लिए प्रचंड चंडी देवी से दुआ मांगते हैं। करीब पांच हजार साल पुराने इस मंदिर में भगवान शिव, नौ दुर्गा, सरस्वती, हनुमान की मूर्ति स्थापित हैं।

मंदिर की मान्यता 


ऐसी मान्यता है कि महाभारत काल में माता कुंती के साथ पांडव लाक्षागृह से निकलने के बाद यहां रुके थे। रामायण काल में भगवान परशुराम ने इस मन्दिर में शिवलिंग की स्थापना की थी।

अष्टमी व नवमी पर आते हैं दो लाख भक्त
 

महंत यति बाबा नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि नवरात्रि में नौ दिनों तक मन्दिर में अखंड बगलामुखी यज्ञ का आयोजन किया जाता है, जिसमें विश्व शांति की कामना की जाती है। अष्टमी और नवमी के दिन लगभग दो लाख भक्त माता के दर्शन को आते हैं।

हमले के दौरान तालाबा में छुपाई गई थीं मूर्तियां
मन्दिर की पौराणिक महत्व को बताते हुए महंत नरसिंहानंद ने कहा कि जिस समय हिन्दू धर्म का स्वर्णिम युग चल रहा था। उस समय यह मन्दिर प्रमुख तीर्थ स्थलों में शुमार हुआ करता था। विदेशी आक्रमण कारियों के हमले में मन्दिर को क्षतिग्रस्त हो गया। उस समय के पुजारियों ने माता की मूर्ति को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए मंदिर के सरोवर में छिपा दिया।

पूरे भारत में हैं केवल दो मूर्तियां

उन्होंने बताया कि बहुत समय बाद स्वामी जगदगिरि महाराज को माता ने सपने में दर्शन दे कर तालाब में मूर्ति की बात से अवगत कराया और पुनः स्थापना के लिए आदेश दिया। जिसके बाद तालाब से मूर्ति को निकाल कर पुनः प्राण प्रतिष्ठा कर स्थापित कराया गया। माता की मूर्ति कसौटी पत्थर की बनी है। इस पत्थर की बनी मां काली की भारत भर में केवल दो मूर्ति हैं। मंदिर प्रांगण में स्थित तालाब में स्नान करने चर्म रोग व कुष्ठ रोग ठीक हो जाते हैं।

Dasna Devi Temple

 
Ghaziabad Ghaziabad in Delhi-NCR has temples of some goddesses, where history is hidden. You will be stunned by knowing about them. These have contained the past of the Mahabharata from the time of the British. The Dasna Devi temple in Ghaziabad countryside is associated with the history of Mahabharata from mythological times.

The Pandavas are said to have spent some time here during the unknown. When this temple was attacked, the idols of the Goddesses were hidden here in a pond built in the temple premises. On the day of Ashtami and Navami, thousands of people visit the ancient goddess of historical importance in Dasna on the occasion of Navratri festival. People pray to Prachand Chandi Devi for the peace and happiness of her family members. The idols of Lord Shiva, nine Durga, Saraswati and Hanuman are installed in this temple about five thousand years old.

Temple recognition

It is believed that during the Mahabharata period, the Pandavas with Mata Kunti stayed here after leaving the Lakshgriha. During the Ramayana period, Lord Parashurama established the Shivling in this temple.

Two lakh devotees visit Ashtami and Navami
 
Mahant Yati Baba Narasimhananda Saraswati told that for nine days in Navratri, a monolithic Bagalamukhi Yagya is organized in the temple, in which world peace is wished. On the day of Ashtami and Navami, about two lakh devotees come to see the mother.

Idols were hidden in Talaba during the attack

Mahant Narasimhanand, stating the mythological importance of the temple, said that at the time the golden age of Hinduism was going on. At that time this temple used to be one of the main pilgrimage sites. The temple was damaged in an attack by foreign invasion personnel. The priests of that time hid the idol of the mother in the temple lake to protect it from the invaders.

There are only two statues all over India

He told that after a long time, mother appeared to Swami Jagadgiri Maharaj in a dream and made him aware of the idol in the pond and ordered for re-installation. After which the idol was removed from the pond and was again restored to life. The idol of the mother is made of stone. Kali, the mother of this stone, has only two idols across India. Bathing in a pond situated in the temple courtyard cures skin diseases and leprosy.

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