शनिदेव के प्रसिद्ध मंदिर (Famous temple of Shanidev) - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Tuesday, 28 April 2020

शनिदेव के प्रसिद्ध मंदिर (Famous temple of Shanidev)



शनि मंदिर (कोसीकलां दिल्ली से 128 किमी की दूरी पर कोसीकलां नाम की जगह पर सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव का मंदिर है। यह उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में आता है, इसके आसपास ही नंदगांव, बरसाना और श्री बांकेबिहारी मंदिर भी है। कहा जाता है कि यहां की परिक्रमा करने पर मनुष्य की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसके बारे में लोक मान्यता है कि यहां पर खुद भगवान कृष्ण ने शनिदेव को दर्शन दिए थे और वरदान दिया था कि जो भी मनुष्य पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ इस वन की परिक्रमा करेगा उसे शनि कभी कष्ट नहीं पहुचाएंगे।


कैसे पहुंचें

मथुरा से कोसीकलां की दूरी लगभग 21 कि.मी. की है। मथुरा तक रेल मार्ग से आकर बस या निजी वाहन से कोसीकलां पहुंचा जा सकता है। कोसीकलां से लगभग 90 कि.मी. की दूरी पर खेरिया एयरपोर्ट है।


Shani Mandir (Kosikalaan is a temple of Lord Suryaputra, Lord Suryaputra at a place called Kosikalan, 128 km from Delhi. It falls in the Mathura district of Uttar Pradesh, around which are also the Nandgaon, Barsana and Sri Bankebihari temples. All the wishes of human beings are fulfilled by revolving here. There is a popular belief about it that Lord Krishna himself had appeared to Shani Dev here. Who was that man will be orbiting the forest with the full faith and devotion to her Saturn ever Phuchaange not suffer.

How to reach
The distance from Mathura to Kosikalan is about 21 km. Has Kosikalaan can be reached by bus or private vehicle from Mathura by rail. About 90 km from Kosikalam Kheria Airport is at a distance of.




2. शनि मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन को मंदिरों की नगरी भी कहा जाता है। सांवेर रोड पर प्राचीन शनि मंदिर भी यहां का प्रमुख दर्शनीय स्थल है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां शनि देव के साथ-साथ अन्य नवग्रह भी हैं, इसलिए इसे नवग्रह मंदिर भी कहा जाता है। यहां दूर-दूर से शनि भक्त तथा शनि प्रकोप से प्रभावित लोग दर्शन करने आते हैं। यह मंदिर के पास से ही शिप्रा नदी बहती है, जिसे त्रिवेणी संगम भी कहा जाता है।


कैसे पहुंचें-

उज्जैन देश के लगभग सभी बड़े शहरों से रेल और सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। यहां से नियमित रूप से रेल गाड़ियां और बसें चलती हैं। उज्जैन से लगभग 50 कि.मी. की दूरी पर इंदौर का एयरपोर्ट है।


2. Shani Temple, Ujjain: The religious capital of Madhya Pradesh, Ujjain is also known as the city of temples. The ancient Shani temple on Saver road is also a major scenic spot here. The special thing of this temple is that there are other Navagrahas here along with Shani Dev, hence it is also called Navagraha temple. Here Shani devotees from far away and people affected by Saturn's wrath come to visit. The Shipra River flows from near the temple, also known as the Triveni Sangam.

How to reach -
Ujjain is connected by rail and road to almost all the major cities of the country. Regular trains and buses ply from here. About 50 km from Ujjain Is the airport of Indore.


3. शनि शिंगणापुरभगवान शनि के सबसे खास मंदिरों में से एक है महाराष्ट्र के शिगंणापुर नामक गांव का शनि मंदिर। यह मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर से लगभग 35 कि.मी. की दूरी पर है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां पर शनि देवी की प्रतिमा खुले आसमान के नीचे है। इस मंदिर में कोई छत नहीं है। साथ ही इस गांव में किसी भी घर में ताला नहीं लगाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहां के सभी घरों की रक्षा खुद शनि देव करते हैं।

कैसे पहुंचें-

शनि शिगणापुर पहुंचने के लिए मुंबई, औरंगाबाद या पुणे आकर शिंगणापुर के लिए बस या टैक्सी ली जा सकती हैं। यहां से सबसे पास में औरंगाबाद एयरपोर्ट है। यहां से औरंगाबाद की दूरी लगभग 90 कि.मी. है।


3. Shani Shingnapur Bhagwan One of the most special temples of Lord Shani is the Shani temple of a village called Shiganapur in Maharashtra. This temple is about 35 km from Ahmednagar in Maharashtra. Is at a distance of. The most special thing about this temple is that the statue of Shani Devi is here under the open sky. There is no roof in this temple. Also, no house is locked in this village. It is believed that all the houses here are guarded by Shani Dev himself.
How to reach -
To reach Shani Shiganapur, bus or taxi can be taken to Shinganapur by coming to Mumbai, Aurangabad or Pune. The nearest airport from here is Aurangabad Airport. The distance from here to Aurangabad is about 90 km. is.


4. शनि मंदिर, इंदौर, मध्यप्रदेश के मुख्य शहरों में से एक है। यहां पर भगवान शनि का एक बहुत ही खास मंदिर है। यह मंदिर शनि देव के बाकि मंदिरों से अलग है, क्योंकि यहां पर भगवान शनि का 16 श्रृंगार किया जाता है।

इंदौर के जूनी इंदौर इलाके में बना ये शनि मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारी किस्सों के लिए प्रसिद्ध है। शनि देव के लगभग सभी मंदिरों में उनकी प्रतिमा काले पत्थर की बनी होती है जिन पर कोई श्रृंगार नहीं होता, लेकिन ये एक ऐसा मंदिर है, जहां शनि देव को रोज आकर्षक श्रृंगार किया जाता है और शाही कपड़े भी पहनाए जाते हैं। इस मंदिर में शनि देव बहुत ही सुंदर रूप में नजर आते हैं।


कैसे पहुंचें-

इंदौर, मध्य प्रदेश के मुख्य शहरों में से एक है। यहां से नियमित रेल गाड़ियां और बसें चलती हैं। यहां एयरपोर्ट भी है, तो हवाई मार्ग की मदद से भी यहां पहुंचा जा सकता है।


4. Shani Temple, Indoindour is one of the main cities of Madhya Pradesh. There is a very special temple of Lord Shani here. This temple is different from the rest of the temples of Shani Dev, because there are 16 adornments of Lord Shani.
This Shani temple built in the Juni Indore area of ​​Indore is famous for its antiquity and miraculous anecdotes. In almost all the temples of Shani Dev, his idol is made of black stone with no makeup on it, but it is a temple where Shani Dev is adorned with attractive makeup and wearing royal clothes. Shani Dev is seen in a very beautiful form in this temple.

How to reach -
Indore is one of the main cities of Madhya Pradesh. Regular trains and buses ply from here. There is also an airport here, so it can also be reached with the help of air route.


5. शनिश्चरा मंदिर, ग्वालियर यह शनि मंदिर मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में है। यह शनि मंदिर भारत के पुराने शनि मंदिरों में से एक है। लोक मान्यता है कि यह शनि पिंड भगवान हनुमान ने लंका से फेंका था जो यहां आकर गिरा। तब से शनि देव यहीं पर स्थापित हैं। यहां शनि देव को तेल चढ़ाने के बाद उनसे गले मिलने की प्रथा भी है। जो भी यहां आता है वह बड़े प्यार से शनि देव से गले मिलकर अपनी तकलीफें उनसे बांटता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से शनि उस व्यक्ति की सारी तकलीफें दूर कर देते हैं।

कैसे पहुंचें-

ग्वालियर, मध्य प्रदेश के मुख्य शहरों में से एक है। यहां से नियमित रेल गाड़ियां और बसें चलती हैं। ग्वालियर में एयरपोर्ट भी है, तो हवाई मार्ग की मदद से भी यहां पहुंचा जा सकता है।


5. Shanishchara Temple, Gwalior This Shani temple is in Gwalior city of Madhya Pradesh. This Shani temple is one of the oldest Shani temples in India. It is popularly believed that Lord Hanuman had thrown this Shani body from Lanka which fell here. Since then Shani Dev is established here. Here after offering oil to Shani Dev, it is also a custom to hug him. Whoever comes here, lovingly embraces Shani Dev and shares his problems with them. It is said that by doing this, Saturn removes all the problems of that person.

How to reach -
Gwalior is one of the main cities of Madhya Pradesh. Regular trains and buses ply from here. Gwalior also has an airport, so it can also be reached with the help of airways.


6.कष्टभंजन हनुमान मंदिर (सारंगपुर)गुजरात में भावनगर के सारंगपुर में भगवान हनुमान का एक प्राचीन मंदिर है, जिसे कष्टभंजन हनुमानजी के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर अपने आप में ही खास है, क्योंकि इस मंदिर में भगवान हनुमान के साथ शनिदेव विराजित हैं। इतना ही नहीं यहां पर शनिदेव स्त्री रूप में हनुमान के चरणों में बैठे दिखाई देते हैं। इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि यदि किसी भी भक्त की कुंडली में शनि दोष हो तो कष्टभंजन हनुमान के दर्शन और पूजा-अर्चना करने से सभी दोष खत्म हो जाते है। इसी वजह से इस मंदिर में सालभर भक्तों की भीड़ लगी रहती हैं।




6.Kashthanjan Hanuman Temple (Sarangpur) is an ancient temple of Lord Hanuman at Sarangpur in Bhavnagar in Gujarat, known as Kasyabhanjan Hanumanji. This temple is special in itself, because Shani Dev along with Lord Hanuman are enthroned in this temple. Not only this, Shani Dev is seen sitting here at the feet of Hanuman in female form. Taking this temple, it is said that if any devotee has Shani dosha in his horoscope, then all the doshas are eliminated by performing darshanjan and worshiping Hanuman. For this reason, this temple is crowded with devotees throughout the year.

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