Historical Tapeshwari Temple at Shivla in Kanpur, Uttar Pradesh-उत्तरप्रदेश के कानपुर में शिवला स्थित ऐतिहासिक तपेश्वरी मंदिर - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Tuesday, 28 April 2020

Historical Tapeshwari Temple at Shivla in Kanpur, Uttar Pradesh-उत्तरप्रदेश के कानपुर में शिवला स्थित ऐतिहासिक तपेश्वरी मंदिर





 
क्या है मंदिर का इतिहास : बिरहाना रोड पटकापुर स्थित मां तपेश्वरी देवी का मंदिर रामायणकाल से जुड़ा है। मान्यता है कि इस मंदिर में माता सीता ने आकर तप किया था और लवकुश मुंडन और कनछेदन का शुभ कार्य भी यहीं किया गया था। मंदिर के पुजारी रामलखन ने बताया कि माता सीता बिठूर से आकर इस मंदिर में तप करती थीं। यहां पर एक मठ भी निकला जिसको माता सीता के नाम से जाना जाता है। 
 
नवरात्रि में हर दिन यहां हजारों भक्त दर्शन को आते हैं। पुजारी के मुताबिक जिन दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति नहीं होती, वे यहां आकर चारों देवियों के दर पर माथा टेकते हैं। मातारानी की कृपा से अगले साल शारदीय नवरात्रि पर उनके आंगन में बच्चे की किलकारियों की गूंज सुनाई देती है और वे उन्हें लेकर मंदिर आते हैं और विधि-विधान से मुंडन और कनछेदन करवाते हैं। 
 
रहस्य बरकरार : मंदिर के पुजारी ने बताया कि सैकड़ों साल पहले मां सीता कानपुर के बिठूर कस्बे में ठहरी थीं। यहीं पर लव और कुश का जन्म हुआ था। मां सीता ने भगवान राम को पाने के लिए यहां पर तप किया था। मां सीता के साथ 3 अन्य कमला, विमला आदि महिलाओं ने तप किया था। इसी के चलते इसका नाम 'तपेश्वरी मंदिर' पड़ा। इस मंदिर पर 4 देवियां कमला, विमला, सरस्वती और मां सीता विद्यमान हैं, मगर ये कोई नहीं जानता कौन-सी मूर्ति किसकी है? ये रहस्य आज भी बना हुआ है कि इन चारों मूर्तियों में कौन-सी मूर्ति माता सीता की है? 
 
भक्तों की जुबानी : इस मंदिर में पूजन करने आने वाली महिला भक्तों में किरण पांडेय के मुताबिक वे पूरे नवरात्र माता तपेश्वरी का दर्शन-पूजन जरूर करती हैं। वे पिछले 20 सालों से इस मंदिर में आ रही हैं। वहीं एक भक्त पूजा गुप्ता के मुताबिक इस मंदिर में वे दर्शन-पूजन के लिए तब से आ रही हैं, जब वे महज 10 साल की थीं। 
 
हालांकि इन्होंने ये नहीं बताया कि इनकी कोई मनोकामना पूरी हुई या नहीं, मगर इनका मानना है कि इस मंदिर में देवी मां के दर्शन करने से आज तक इन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। घाटमपुर से आए तिवारी दंपति ने बताया कि मां की कृपा से उनके घर पर बच्चे की किलकारियों की गूंज सुनाई दी है। इसी के चलते उसका कनछेदन करवाने के लिए आए हैं। 
 
सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त : नवरात्रि के लिए मंदिर में खास इंतजाम किए गए हैं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलल लाइनें हैं। बैरिकेटिंग, सीसीटीवी कैमरे, मंदिर की धुलाई सभी चीजें सुचारु रूप से व्यवस्थित की गई हैं। मंदिर के पट भोर पहर 4 बजे से खोल दिए जाते हैं। प्रशासन की व्यवस्था भी चाक-चौबंद देखने को मिल रही है। मंदिर के बाहर एक पुलिस कैंप की भी व्यवस्था की गई है। 


Historical Tapeshwari Temple at Shivla in Kanpur, Uttar Pradesh

 
What is the history of the temple: The temple of Mother Tapeshwari Devi situated on Birhana Road Patkapur is associated with the Ramayana period. It is believed that Mata Sita came to this temple and meditated and the auspicious work of Lavkush Mundan and Kanchedhan was also done here. Temple priest Ramlakhan told that Mata Sita used to meditate in this temple after coming from Bithoor. A monastery also came out here, which is known as Mata Sita.
 
Thousands of devotees visit here every day during Navratri. According to the priest, couples who do not get child happiness, come here and offer their foreheads at the rate of the four goddesses. By the grace of Matarani, next year, on Sharadiya Navaratri, an echo of child killers is heard in their courtyard and they bring them to the temple and get them shaved and canned by law.
 
The mystery remains: The temple priest told that hundreds of years ago, mother Sita stayed in Bithur town of Kanpur. It was here that Luv and Kush were born. Mother Sita meditated here to get Lord Rama. Along with Mother Sita, 3 other Kamala, Vimala etc. women did penance. Due to this, it was named 'Tapeshwari Temple'. There are 4 ladies Kamla, Vimala, Saraswati and mother Sita on this temple, but no one knows which idol is whose? This mystery remains even today, which idol of these four idols is of Mother Sita?
 
Speaking of the devotees: According to Kiran Pandey, among the female devotees who come to worship in this temple, they definitely do darshan of the entire Navratri Mata Tapeshwari. She has been visiting this temple for the last 20 years. At the same time, according to a devotee Pooja Gupta, she has been coming to this temple to worship and worship since she was just 10 years old.
 
Although he did not say whether any of his wishes were fulfilled or not, he believes that he did not have any problem till today by visiting the Mother Goddess in this temple. The Tiwari couple, who came from Ghatampur, said that due to the blessings of the mother, the echo of the baby killers was heard at their house. Because of this, he has come to get his ears done.
 
Strong security arrangements: Special arrangements have been made in the temple for Navratri. Looking at the crowd of devotees, women and men have different lines. Barricading, CCTV cameras, temple washing are all well organized. The doors of the temple are opened from 4 o'clock in the morning. The system of administration is also being seen. A police camp has also been arranged outside the temple.

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