Jatoli Shiva Temple, Solan-जटोली शिव मंदिर, सोलन - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Wednesday, 29 April 2020

Jatoli Shiva Temple, Solan-जटोली शिव मंदिर, सोलन

सोलन में हैं एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर, बनने में लगे थे 39 साल




देवभूमि हिमाचल में भगवान शिव के बहुत सारे मंदिर हैं। सबका अपना-अपना महत्व है। वहीं हिमाचल के सोलन में जटोली शिव मंदिर स्थित है। यह एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर है। दक्षिण-द्रविड़ शैली में बने इस मंदिर को बनने में करीब 39 साल का समय लगा। जटोली शिव मंदिर सोलन से करीब सात किलोमीटर दूर है।

माना जाता है कि पौराणिक समय में भोलेनाथ यहां आकर कुछ समय के लिए रुके थे। बाद में एक सिद्ध बाबा स्वामी कृष्णानंद परमहंस ने यहां आकर तपस्या की। उनके मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश पर ही जटोली शिव मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। मंदिर के कोने में स्वामी कृष्णानंद की गुफा भी है। यहां पर शिवलिंग स्थापित किया गया है। मंदिर परिसर में दाईं अोर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित है। इसके 200 मीटर की दूरी पर शिवलिंग है। मंदिर का गुंबद 111 फीट ऊंचा है जिसके कारण ये एशिया का सबसे ऊंचा मंदिर है। 

मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने यहां एक रात के लिए विश्राम किया था। कहा जाता है कि यहां के लोगों को पानी की समस्या से जुझना पड़ा था। जिस देखते हुए स्वामी कृष्णानंद परमहंस जी ने भगवान शिव की घोर तपस्या की अौर त्रिशूल के प्रहार से जमीन में से पानी निकाला। तब से लेकर आज तक जटोली में पानी की समस्या नहीं है। लोग इस पानी को चमत्कारी मानते हैं। इनका मानना है कि इस जल में किसी भी बीमारी को ठीक करने के गुण हैं। यहां हर रविवार को भंडारा लगता है। 

कैसे पहुंचे
सोलन से राजगढ़ रोड़ होते हुए जटोली मंदिर जाया जा सकता है। सड़क से 100 सीढ़ियां चढ़कर भोलेनाथ के दर्शन होते हैं। यहां बस, टैक्सी अौर अॉटो से पहुंचा जा सकता है।
Asia's tallest Shiva temple in Solan, it took 39 years to build

There are many temples of Lord Shiva in Devbhoomi Himachal. Everyone has their own importance. Jatoli Shiva temple is located in Solan, Himachal Pradesh. It is the highest Shiva temple in Asia. It took nearly 39 years to build this temple built in South-Dravidian style. Jatoli Shiva temple is about seven kilometers from Solan.

It is believed that Bholenath stayed here for some time in the mythological times. Later a Siddha Baba Swami Krishnananda Paramahansa came here and did penance. The construction of Jatoli Shiva Temple started on his guidance and directions. There is also a cave of Swami Krishnananda in the corner of the temple. Shivalinga has been established here. The right and statue of Lord Shiva is installed in the temple premises. Shivalinga is 200 meters away. The dome of the temple is 111 feet high, due to which it is the tallest temple in Asia.

It is believed that Lord Shiva rested here for one night. It is said that the people here had to face the problem of water. Seeing this, Swami Krishnananda Paramahansa ji did the austerity of Lord Shiva and drew water from the ground with the thrashing of the trident. Since then, there is no water problem in Jatoli. People consider this water to be miraculous. They believe that this water has the properties to cure any disease. Bhandara is held here every Sunday.

How to reach
Jatoli Temple can be reached from Solan via Rajgarh Road. Bholenath is visited by climbing 100 steps by road. It can be reached by bus, taxi and ato.

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