15 famous temples of Hanumanji-ये हैं हनुमानजी के 15 मंदिर - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Friday, 1 May 2020

15 famous temples of Hanumanji-ये हैं हनुमानजी के 15 मंदिर



हनुमान मंदिर, इलाहबाद, उत्तर प्रदेश
इलाहबाद किले से सटे हुए इस प्राचीन मंदिर में लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा है. यह सम्पूर्ण भारत का एकमात्र मंदिर है जिसमें हनुमान जी की लेटी हुई मुद्रा में 20 फीट लम्बी प्रतिमा है. हनुमान जयंती पर यहां पूरे देश से हजारों भक्‍त दर्शन करने के लिए आते हैं

Hanuman Temple, Allahabad, Uttar Pradesh
There is a statue of Lord Hanuman lying in this ancient temple adjoining Allahabad Fort. It is the only temple in the whole of India which has a 20 feet tall statue in the lying posture of Hanuman ji. On Hanuman Jayanti, thousands of devotees from all over the country come here to visit.

हनुमान धारा, चित्रकूट
उत्तर प्रदेश के सीतापुर नामक स्थान के समीप यह हनुमान मंदिर स्थित है और सीतापुर से हनुमान धारा की दूरी तीन किलोमीटर है. पहाड़ के सहारे हनुमानजी की एक विशाल मूर्ति के ठीक सिर के पास दो जल के कुंड हैं, जो हमेशा जल से भरे रहते हैं और उनमें से निरंतर पानी बहता रहता है. इस धारा का जल हनुमानजी को स्पर्श करता हुआ बहता है इसीलिए इसे हनुमान धारा कहते हैं.


 Hanuman Dhara, Chitrakoot
This Hanuman temple is situated near a place called Sitapur in Uttar Pradesh and the distance of Hanuman stream from Sitapur is three kilometers. There are two water tanks near the head of a huge idol of Hanuman ji, with the help of a mountain, which is always filled with water and continuously flows through them. The water of this stream flows touching Hanumanji, hence it is called Hanuman Dhara.

उलटे हनुमानजी मंदिर, इंदौर
भारत की धार्मिक नगरी उज्जैन से केवल 30 किमी दूर स्थित है यह धार्मिक स्‍थल जहां भगवान हनुमान जी की उल्टे रूप में पूजा की जाती है. मंदिर में भगवान हनुमान की उलटे मुख वाली सिंदूर से सजी मूर्ति विराजमान है. सांवेर का हनुमान मंदिर हनुमान भक्तों का महत्वपूर्ण स्थान है यहां आकर भक्त भगवान के अटूट भक्ति में लीन होकर सभी चिंताओं से मुक्त हो जाते हैं.

Inverted Hanumanji temple, Indore
The religious city of India is located only 30 km from Ujjain, this religious place where Lord Hanuman is worshiped in reverse. The idol adorned with vermilion of Lord Hanuman is inverted in the temple. Hanuman Temple of Sanwar is an important place for Hanuman devotees, by coming here, the devotees get absorbed in the unwavering devotion of God and get rid of all worries.

मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान
राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडिय़ों के बीच बसा हुआ मेहंदीपुर नामक स्थान है. यह मंदिर जयपुर-बांदीकुई-बस मार्ग पर जयपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर है. दो पहाड़ि‍याें के बीच की घाटी में स्थित होने के कारण इसे घाटा मेहंदीपुर भी कहते हैं.

Mehandipur Balaji, Rajasthan
There is a place called Mehndipur situated between two hills near Dausa district of Rajasthan. This temple is about 65 km from Jaipur on Jaipur-Bandikui-Bus route. It is also known as Ghata Mehndipur due to its location in the valley between two hills.


सालासर बालाजी हनुमान मंदिर, सालासर, राजस्थान
हनुमानजी का यह मंदिर राजस्थान के चुरू जिले में है. गांव का नाम सालासर है, इसलिए सालासर वाले बालाजी के नाम यह मंदिर प्रसिद्ध है. हनुमानजी की यह प्रतिमा दाड़ी व मूंछ से सुशोभित है.

 Salasar Balaji Hanuman Temple, Salasar, Rajasthan
This temple of Hanumanji is in Churu district of Rajasthan. The name of the village is Salasar, hence this temple is famous in the name of Salasar Balaji. This idol of Hanuman is beautified with beard and mustache.


हनुमानगढ़ी, अयोध्या
धर्म ग्रंथों के अनुसार अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है. यहां का सबसे प्रमुख श्रीहनुमान मंदिर हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है. यह मंदिर राजद्वार के सामने ऊंचे टीले पर स्थित है. इसमें 60 सीढिय़ां चढ़ने के बाद श्रीहनुमानजी का मंदिर आता है,

Hanumangarhi, Ayodhya
According to religious texts, Ayodhya is the birthplace of Lord Shri Ram. The most prominent Shree Hanuman temple here is famous as Hanumangarhi. This temple is situated on a high mound in front of the Rajdwar. After climbing 60 steps in it, comes the temple of Shree Hanumanji,


श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, सारंगपुर, गुजरात
अहमदाबाद-भावनगर रेलवे लाइन पर स्थित बोटाद जंक्शन से सारंगपुर लगभग 12 मील दूर है. यहां एक प्रसिद्ध मारुति प्रतिमा है. महायोगिराज गोपालानंद स्वामी ने इस शिला मूर्ति की प्रतिष्ठा विक्रम संवत् 1905 आश्विन कृष्ण पंचमी के दिन की थी. जनश्रुति है कि प्रतिष्ठा के समय मूर्ति में श्रीहनुमानजी का आवेश हुआ और यह हिलने लगी. तभी से इस मंदिर को कष्टभंजन हनुमान मंदिर कहा जाता है.


Shri Krishabhanjan Hanuman Temple, Sarangpur, Gujarat
Sarangpur is about 12 miles from Botad Junction, located on the Ahmedabad-Bhavnagar railway line. There is a famous Maruti statue here. Mahayogiraja Gopalananda Swamy had the reputation of this rock idol on the day of Vikram Samvat 1905 Ashwin Krishna Panchami. It is known that Shree Hanumanji was charged in the statue at the time of its establishment and it started shaking. Since then, this temple is known as Dankabhanjan Hanuman Temple.

बेट द्वारका हनुमान दंडी मंदिर, गुजरात
कहते हैं कि पहले मकरध्वज की मूर्ति छोटी थी परंतु अब दोनों मूर्तियां एक सी ऊंची हो गई हैं. अहिरावण ने भगवान श्रीराम लक्ष्मण को इसी स्थान पर छिपा कर रखा था. जब हनुमानजी श्रीराम-लक्ष्मण को लेने के लिए आए, तब उनका मकरध्वज के साथ घोर युद्ध हुआ. अंत में हनुमानजी ने उसे परास्त कर उसी की पूंछ से उसे बांध दिया. उनकी स्मृति में यह मूर्ति स्थापित है.

Bet Dwarka Hanuman Dandi Temple, Gujarat
It is said that earlier the idol of Makardhwaj was small but now both the statues have become same. Ahiravan hid Lord Shri Ram Laxman at this place. When Hanumanji came to take Shriram-Lakshmana, he had a fierce battle with Makardhwaja. In the end, Hanumanji defeated him and tied him with his tail. This statue is installed in his memory.

  

यंत्रोद्धारक हनुमान मंदिर, हंपी, कर्नाटक
बेल्लारी जिले के हंपी के मंदिर में प्रतिष्ठित हनुमानजी को यंत्रोद्धारक हनुमान कहा जाता है. विद्वानों के मतानुसार यही क्षेत्र प्राचीन किष्किंधा नगरी है. वाल्मीकि रामायण व रामचरित मानस में इस स्थान का वर्णन मिलता है. आज भी यहां अनेक गुफाएं हैं. इस मंदिर में श्रीराम नवमी के दिन से लेकर तीन दिन तक विशाल उत्सव मनाया जाता है.

Yentrodharaka Hanuman Temple, Hampi, Karnataka
The iconic Hanuman in the temple of Hampi in Bellary district is called Yantrodhak Hanuman. According to scholars, this area is an ancient Kishkindha city. The description of this place is found in Valmiki Ramayana and Ramcharit Manas. Even today there are many caves here. In this temple, a huge festival is celebrated for three days from the day of Shri Ram Navami.


प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली
यहां महाभारत कालीन श्री हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर है. यहां पर उपस्थित हनुमान जी स्वयम्भू हैं. बालचन्द्र अंकित शिखर वाला यह मंदिर आस्था का महान केंद्र है. दिल्ली का ऐतिहासिक नाम इंद्रप्रस्थ शहर है, जो यमुना नदी के तट पर पांडवों द्वारा महाभारत-काल में बसाया गया था.

Ancient Hanuman Temple, Connaught Place, New Delhi
There is an ancient temple of Shri Hanuman ji of Mahabharata. Hanuman Ji present here is Swayambhu. This temple with Balachandra Shikhar Shikhar is a great center of faith. The historical name of Delhi is the city of Indraprastha, which was inhabited by the Pandavas during the Mahabharata period on the banks of the river Yamuna.

महावीर हनुमान मंदिर, पटना, बिहार
पटना जंक्शन के ठीक सामने महावीर मंदिर के नाम से श्री हनुमान जी का मंदिर है. उत्तर भारत में मां वैष्णो देवी मंदिर के बाद यहां ही सबसे ज्यादा चढ़ावा आता है. इस मंदिर के अन्तर्गत महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य हॉस्पिटल, महावीर आरोग्य हॉस्पिटल तथा अन्य बहुत से अनाथालय एवं अस्पताल चल रहे हैं. यहां श्री हनुमान जी संकटमोचन रूप में विराजमान हैं.


Mahavir Hanuman Temple, Patna, Bihar
Right in front of Patna Junction, there is a temple of Sri Hanuman in the name of Mahavir Temple. In North India, it is the highest offering after the mother Vaishno Devi temple. Mahavir Cancer Institute, Mahavir Vatsalya Hospital, Mahavir Arogya Hospital and many other orphanages and hospitals are running under this temple. Here Shree Hanuman ji is seated in Sankatmochan form.

डुल्या मारुति, पूना, महाराष्ट्र
पूना के गणेशपेठ में स्थित यह मंदिर काफी प्रसिद्ध है. श्रीडुल्या मारुति का मंदिर 350 वर्ष पुराना है. पत्थर का बना यह मंदिर बहुत ही आकर्षक और भव्य है. मूल रूप से डुल्या मारुति की मूर्ति एक काले पत्थर पर अंकित की गई है. हनुमानजी की इस मूर्ति की दाईं ओर श्रीगणेश भगवान की एक छोटी सी मूर्ति स्थापित है.

Dulya Maruti, Poona, Maharashtra
This temple located in Ganeshpeth of Poona is quite famous. The temple of Shridulya Maruti is 350 years old. This stone temple is very attractive and grand. Originally the idol of Dulya Maruti has been inscribed on a black stone. A small idol of Lord Shree Ganesh is installed on the right side of this idol of Hanumanji.

श्री संकटमोचन मंदिर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
यह मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में स्थित है. यहां का वातावरण एकांत, शांत एवं उपासकों के लिए दिव्य साधना स्थली के योग्य है. मंदिर के प्रांगण में श्रीहनुमानजी की दिव्य प्रतिमा स्थापित है. श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर के समीप ही भगवान श्रीनृसिंह का मंदिर भी स्थापित है. ऐसी मान्यता है कि हनुमानजी की यह मूर्ति गोस्वामी तुलसीदासजी के तप एवं पुण्य से प्रकट हुई स्वयंभू मूर्ति है.

Shri Sankatmochan Temple, Varanasi, Uttar Pradesh
This temple is located in the city of Varanasi, Uttar Pradesh. The atmosphere here is secluded, calm and worthy of divine spiritual practice for worshipers. A divine statue of Shree Hanumanji is installed in the courtyard of the temple. A temple of Lord Shrinar Singh is also located near the Sri Sankatmochan Hanuman temple. It is believed that this idol of Hanumanji is a self-proclaimed idol manifested by the penance and virtue of Goswami Tulsidas.

श्री पंचमुख आंजनेयर हनुमान, तमिलनाडु
तमिलनाडु के कुम्बकोनम नामक स्थान पर श्री पंचमुखी आंजनेयर स्वामी जी (श्री हनुमान जी) का बहुत ही मनभावन मठ है. यहां पर श्री हनुमान जी की 'पंचमुख रूप' में विग्रह स्थापित है, जो अत्यंत भव्य एवं दर्शनीय है. माना जाता है कि हनुमान जी ने अहिरावण और महिरावण का वध करने के लिए पंचमुख रूप धारण किया था. मान्‍यता है कि प्रभु के इस रूप के दर्शन सारे संकट और बंधन दूर करते हैं.


 Shri Panchmukh Anjaneyar Hanuman, Tamil Nadu
There is a very beautiful monastery of Sri Panchmukhi Anjaneyar Swamiji (Shri Hanuman ji) at a place called Kumbakonam in Tamil Nadu. Here Deity is installed in the 'Panchmukh form' of Shri Hanuman ji, which is very grand and visible. It is believed that Hanuman ji took the form of Panchmukh to kill Ahiravana and Mahiravan. It is believed that this form of Lord's vision removes all distress and bondage.



गिरजाबंध हनुमान मंदिर, छत्तीसगढ़
बिलासपुर से 25 कि. मी. दूर एक स्थान है रतनपुर जिसे महामाया नगरी के नाम से भी जाना जाता है. यह देवस्थान पूरे भारत में सबसे अलग है. इसकी मुख्य वजह मां महामाया देवी और गिरजाबंध में स्थित हनुमानजी का मंदिर है. खास बात यह है कि विश्व में हनुमान जी का यह अकेला ऐसा मंदिर है जहां हनुमान नारी स्वरूप में हैं.



Girjabandh Hanuman Temple, Chhattisgarh
25 km from Bilaspur M A place far away is Ratanpur which is also known as Mahamaya Nagari. This Devasthan is the most different in the whole of India. The main reason for this is the temple of Maa Mahamaya Devi and Hanumanji located in the church. The special thing is that this is the only temple of Lord Hanuman in the world where Hanuman is in the female form.


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