इस पेड़ की उत्पत्ति माता पार्वती के पसीने की बूंद से हुई थी - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Friday, 1 May 2020

इस पेड़ की उत्पत्ति माता पार्वती के पसीने की बूंद से हुई थी






माता पार्वती के पसीने की बूंद से हुई इस पेड़ की उत्पत्ति
हिंदू धर्म में बेलपत्र का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करता है और उन्हें बेलपत्र अर्पित करता है तो भगवान उसकी हर इच्छा पूरी करते हैं। क्या आपको पता है भगवान शिव पर बेलपत्र क्यों चढ़ाया जाता है और इसके पीछे क्या कहानी छिपी हुई है, अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं
बेलपत्र की कहानी
स्कंद पुराण के अनुसार, एक बार माता पार्वती के पसीने की बूंद मंदृंचल पर्वत पर गिर गई और उससे बेल का पेड़ निकल आया। माता पार्वती के पसीने से बेल के पेड़ का उद्भव हुआ। माना जाता है कि इसमें माता पार्वती के सभी रूप बसते हैं। वे पेड़ की जड़ में गिरिजा के स्वरूप में, इसके तनों में माहेश्वरी के स्वरूप में और शाखाओं में दक्षिणायनी व पत्तियों में पार्वती के रूप में रहती हैं।
फलों में कात्यायनी स्वरूप व फूलों में गौरी स्वरूप निवास करता है। इस सभी रूपों के अलावा, मां लक्ष्मी का रूप समस्त वृक्ष में निवास करता है। बेलपत्र में माता पार्वती का प्रतिबिंब होने के कारण इसे भगवान शिव पर चढ़ाया जाता है। भगवान शिव पर बेल पत्र चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना पूर्ण करते हैं।

This tree originated from the sweat drop of Mata Parvati

This tree originated from the drop of sweat of Mata Parvati, Belapatra has special significance in Hinduism. It is believed that if a person is truthful
This tree originated from the sweat drop of Mata Parvati

Belapatra has special significance in Hinduism. It is believed that if a person worships Lord Shiva with a sincere heart and offers Belapatra to him, then God fulfills his every wish. Do you know why the bell sheet is offered to Lord Shiva and what is the story hidden behind it, if not then let us tell you .......
Story of bell
According to the Skanda Purana, once a drop of sweat of Mata Parvati fell on the Mandirchal mountain and a vine tree came out of it. Bel tree emerged from the sweat of Mata Parvati. It is believed that all forms of Goddess Parvati reside in it. They live in the form of Girija in the root of the tree, in the form of Maheshwari in its trunk and Dakshinayani in the branches and Parvati in the leaves.

Katyayani form resides in fruits and Gauri form resides in flowers. Apart from all these forms, the form of Maa Lakshmi resides in the entire tree. It is offered to Lord Shiva as it is a reflection of Mata Parvati in Belpatra. They delight in offering Bela Patra to Lord Shiva and fulfill the wishes of the devotee.

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