हिमाचल के सोलन के करोल पहाड़ में पांडव गुफा जहा शिव और पांडवो ने तपस्या की थी. - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Sunday, 3 May 2020

हिमाचल के सोलन के करोल पहाड़ में पांडव गुफा जहा शिव और पांडवो ने तपस्या की थी.


हिमाचल के सोलन के करोल पहाड़ में पांडव गुफा जहा शिव और पांडवो ने तपस्या की थी. 




यह गुफा यहां से चलकर हरियाणा के कालका-पंचकूला के पास निकलती है। पांडव इसका उपयोग रहने व आने जाने में करते थे। यह गुफा हरियाणा को हिमाचल से जोड़ती है। इस गुफा का रहस्य आज तक कोई नहीं जान पाया है।
माना जाता है कि इस गुफा में भगवान शिव और उनका परिवार रहता था। गुफा के अंदर कई शिवलिंग बने हुए हैं। स्थानीय लोग सावन के महीने में यहां भोलेनाथ की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि गुफा के अंदर कई अजीबोंगरीब चीजें हैं जिन्हें देखने के बाद किसी की अंदर जाने की हिम्मत नहीं होती।
एक अन्य मान्यता के अनुसार यहां पांडवों ने तपस्या की थी। गुफा के अंदर थोड़ी दूरी पर एक विशाल झील है। कहा जाता है कि दो साधु इस गुफा का रहस्य जानने के लिए अंदर गए थे लेकिन कभी वापिस नहीं आए। यह गुफा बहुत बड़ी है। कुछ लोग इसमें एक किमी. तक ही गए हैं। गुफा के अंदर शिवलिंग, शेषनाग जैसी आकृतियां देखने को मिलती है। यहां तक की वैज्ञानिकों ने भी इस गुफा का मुआयना किया, जिन्होंने अंदेशा जताया कि इसके भीतर बड़ी झील हो सकती है।
गुफा तक पहुंचने के लिए चोटी के शिखर पर जाना पड़ता है। यहां चोटी पर एक छोटा सा मंदिर है। जिसमें 2-3 प्रतिमाएं रखी हुई हैं अौर बीच में एक हवन कुंड है। मंदिर के साथ ही एक धर्मशाला है, जिसमें दो कमरे हैं। इस गुफा का एक सिरा कालका के साथ लगते पिंजौर में निकलता है। कहते हैं कि पहाड़ा का पानी इस गुफा से होता हुआ पिंजौर तक पहुंच जाता है। इस बारे में वैज्ञानिकों ने भी पाया कि यहां पानी के साथ बहे ओक पेड़ के पत्ते पिंजौर में निकलते हैं।

Pandava cave in Karol mountain of Solan, Himachal where Shiva and Pandavas did penance.


This cave originates from here near Kalka-Panchkula in Haryana. The Pandavas used it to stay and visit. This cave connects Haryana with Himachal. No one has known the secret of this cave till date.
It is believed that Lord Shiva and his family lived in this cave. Many Shivalingas are built inside the cave. The locals worship Bholenath here in the month of Sawan. It is said that there are many strange things inside the cave, after seeing that no one dares to go inside.
According to another belief, the Pandavas did penance here. A short distance inside the cave is a huge lake. It is said that two sadhus went inside to learn the secret of this cave but never returned. This cave is very large. Some people walk a km in it. Have gone till Inside the cave, Shivling, Sheshnag-like figures are seen. Even scientists visited this cave, who feared that there might be a big lake inside it.
One has to go to the peak of the peak to reach the cave. There is a small temple on the peak here. In which 2-3 statues are kept and in the middle there is a havan kund. Along with the temple there is a Dharamshala, which has two rooms. One end of this cave originates in Pinjore adjoining Kalka. It is said that the water of the hill passes through this cave to Pinjore. Scientists have also found that the leaves of oak tree flowing with water come out in Pinjore.

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