व्यावहारिक जीवन के दृष्टिकोण से शिव नंदी के इस मुद्रा के महत्व को जानें।-Know the importance of this mudra of Shiva Nandi from the perspective of practical life. - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Sunday, 31 May 2020

व्यावहारिक जीवन के दृष्टिकोण से शिव नंदी के इस मुद्रा के महत्व को जानें।-Know the importance of this mudra of Shiva Nandi from the perspective of practical life.



नंदी का संदेश है कि जिस तरह वह भगवान शिव का वाहन है, ठीक उसी तरह हमारा शरीर आत्मा का वाहन है। जैसे नंदी की नजर शिव की ओर होती है, उसी तरह हमारी नजर भी आत्मा की ओर हो। इस बात का सरल शब्दों में मतलब है है कि हर व्यक्ति को अपने मानसिक, व्यावहारिक और वाणी के गुण-दोषों की परख करते रहना चाहिए। मन में हमेशा मंगल और कल्याण करने वाले देवता शिव की भांति दूसरों के हित, परोपकार और भलाई का भाव रखना चाहिए। नंदी का इशारा यही होता है कि शरीर का ध्यान आत्मा की ओर होने पर ही हर व्यक्ति चरित्र, आचरण और व्यवहार से पवित्र हो सकता है। इसे ही आम भाषा में मन का साफ होना कहते हैं। इससे शरीर भी स्वस्थ होता है और शरीर के निरोग रहने पर ही मन भी शांत, स्थिर और दृढ़ संकल्प से भरा होता है। इस तरह संतुलित शरीर और मन ही हर कार्य और लक्ष्य में सफलता के करीब ले जाता है। 
इस तरह अब जब भी मंदिर में जाएं शिव के साथ नंदी की पूजा कर शिव के कल्याण भाव को मन में रखकर वापस आएं। इसे ही शिवतत्व को जीवन में उतारना कहा जाता है। 

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