Know why, crow is fed food on shraddh-जाने क्यों, कौए को खिलाया जाता है श्राद्ध पर भोजन - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Sunday, 3 May 2020

Know why, crow is fed food on shraddh-जाने क्यों, कौए को खिलाया जाता है श्राद्ध पर भोजन





हिन्दू धर्म में पितृ श्राद्ध करना बेहद जरुरी होता है ऐसी मान्यता है की जो भी मनुष्य पितृ श्राद्ध नहीं करता है या विधिपूर्वक नहीं करता है उनके पितरो को शान्ति नहीं मिल पाती तथा उनकी आत्मा इस लोक में भटकती रहती है. श्राद्ध के दिन लोग अपने पितरो को 16 दिनों तक जल चढाते है. इस बार पितृ पक्ष 5 सितम्बर से शुरू हो रहा है और 19 सितम्बर को समाप्त हो जाएगा. श्राद्ध करने के लिए मनुस्मृति और ब्रह्म पुराण जैसे शास्त्रों में बताया गया है कि दिवंगत पितरों के परिवार में या तो ज्येष्ठ पुत्र या कनिष्ठ पुत्र और अगर पुत्र न हो तो धेवता (नाती), भतीजा, भांजा या शिष्य ही तिलांजलि और पिंडदान देने के पात्र होते हैं.

ऐसा माना जाता है अगर पितृ लोग नाराज़ हो जाए तो हम मनुष्यों का जीवन अन्धकार में चला जाएगा तथा मनुष्यों पर अशांति छा जायेगी. संतानहीन के मामलो में ज्योतिषी पितृ दोष को अवश्य देखते है. ऐसे में पितृ मोक्ष के दौरान श्राद करना बहुत जरुरी माना जाता है.

ज्योतिष के अनुसार कौए पितृ का रूप होते है श्राद्ध के दिन पितृ लोग कौओ का रूप लेकर आते है इसलिए श्राद्ध के समय भोजन का बना हुआ पहला खाना कौओ के लिए निकाला जाता है, जिसमे यदि पितृ (कौए) नाराज़ हो जाए तो इससे गृह शान्ति भंग हो सकती है इसलिए श्राद्ध के दिनों में जब हम भोजन बनाते है तो कौओ के लिए पहला खाना हम अपने छत के ऊपर रख कर आ जाते है.

Know why, crow is fed food on shraddh



In Hindu religion, it is very important to perform Pitra Shraddha. It is a belief that anyone who does not do Pitru Shraddha or does not do so in a proper way, their ancestors cannot get peace and their soul keeps wandering in this world. On the day of Shraddha, people offer water to their ancestors for 16 days. This time the Pitru Paksha is starting from 5 September and will end on 19 September. In the scriptures like Manusmriti and Brahma Purana to perform Shraddha it is stated that in the family of the departed fathers, either the eldest son or the junior son and if there is no son, then only Dhevata (grandson), nephew, nephew or disciple are eligible to give Tilanjali and Pindadan Occur.

It is believed that if the ancestors become angry then the life of us humans will go into darkness and there will be unrest on humans. In the case of childless, astrologers definitely see Pitra Dosh. In this case, it is considered very important to perform Shraad during Pitra Moksha.

According to astrology, crows are the form of Pitru, on the day of Shraddh, ancestors take the form of Crows, so during the Shraddha, the first food made of food is taken out for the crows, in which if Pitra (Crows) gets angry, then it gives peace to the house. There can be a breach, so when we cook food on the days of Shraddha, then we put the first food for the crow on the roof.

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