रावण से बड़ा ज्ञानी धरती पर नहीं हुआ -No one is more knowledgeable than Ravana on earth - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Thursday, 14 May 2020

रावण से बड़ा ज्ञानी धरती पर नहीं हुआ -No one is more knowledgeable than Ravana on earth




1. वेद और संस्कृत का ज्ञाता
रावण को वेद और संस्कृत का ज्ञान था. वो साम वेद में निपुण था. उसने शिवतांडव, युद्धीशा तंत्र और प्रकुठा कामधेनु जैसी कृतियों की रचना की. साम वेद के अलावा उसे बाकी तीनों वेदों का भी ज्ञान था. इतना ही नहीं पद पथ में भी उसे महारत हासिल थी. पद पथ एक तरीका है वेदों को पढ़ने का.


2. आयुर्वेद का ज्ञान
रावण ने आयुर्वेद में भी काफ़ी योगदान दिया था. अर्क प्रकाश नाम की एक किताब भी रावण ने लिखी थी, जिसमें आयुर्वेद से जुड़ी कई जानकारियां हैं. रावण को ऐसे चावल भी बनाने आते थे जिसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन होता था. इन्हीं चावलों को वो सीता जी को दिया करता था.



3. कविताएं लिखने में भी पारंगत
रावण सिर्फ़ एक योद्धा नहीं थे. उन्होंने कई कविताओं और श्लोकों की भी रचनाएं की थीं. शिवतांडव इन्हीं रचनाओं में से एक है. रावण ने भगवान शिव को खुश करने के लिए एक 'मैं कब खुश होउंगा' लिखी. भगवान शिव इतने खुश हुए कि उन्होंने रावण को वरदान दिया था.


4. संगीत का भी ज्ञान
रावण को संगीत का भी शौक़ था. रूद्र वीणा बजाने में रावण को हराना लगभग नामुमकिन था. रावण जब भी परेशान होता वो रूद्र वीणा बजाता था. इतना ही नहीं रावण ने वायलन भी बनाया था जिसे रावणहथा कहते थे. आज भी राजस्थान में इसे बजाया जाता है.



5. स्त्री रोगविज्ञान और बाल चिकित्सा में भी योगदान
अपने आयुर्वेद के ज्ञान से रावण ने स्त्री रोगविज्ञान और बाल चिकित्सा के ऊपर भी कई किताबें लिखी थीं. इन किताबों में 100 से ज़्यादा बीमारियों का इलाज़ लिखा हुआ है. इन किताबों को उसने अपनी पत्नी मंदोदरी के कहने पर लिखा था.


6. रावण ने युद्ध के लिए की थी राम की मदद
भगवान राम को समुद्र के ऊपर पुल बनाने से पहले यज्ञ करना था. यज्ञ तभी सफ़ल होता जब भगवान राम के साथ देवी सीता बैठतीं. राम के यज्ञ को सफ़ल करने के लिए रावण खुद देवी सीता को ले कर आया था. यज्ञ खत्म होने के बाद जब राम ने रावण का आशीर्वाद मांगा तो रावण ने 'विजयी भव:' कहा था.


7. ज्ञान का सागर 'रावण'
युद्ध में हार के बाद जब रावण अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था, तब भगवान राम ने लक्ष्मण को रावण से ज्ञान प्राप्त करने को कहा. लक्ष्मण रावण के सिर के पास बैठ गए. रावण ने लक्ष्मण से कहा कि अगर आपको अपने गुरू से ज्ञान प्राप्त करना है तो हमेशा उनके चरणों में बैठना चाहिए. ये परंपरा आज भी चल रही है.


8. सीता रावण की बेटी थी
रामायण कई देशों में ग्रंथ की तरह अपनाई गई है. थाइलैंड में जो रामायण है उसके अनुसार सीता रावण की बेटी थी, जिसे एक भविष्यवाणी के बाद रावण ने ज़मीन में दफ़ना दिया था. भविष्यवाणी में कहा गया था कि 'यही लड़की तेरी मौत का कारण बनेगी'. बाद में देवी सीता जनक को मिलीं. यही कारण था कि रावण ने कभी भी देवी सीता के साथ बुरा बर्ताव नहीं किया.



9. ग्रह नक्षत्रों को अपने हिसाब से चलाता था रावण
मेघनाथ के जन्म से पहले रावण ने ग्रह नक्षत्रों को अपने हिसाब से सजा लिया था, जिससे उसका होना वाला पुत्र अमर हो जाए. लेकिन आखिरी वक़्त में शनि ने अपनी चाल बदल ली थी. रावण इतना शक्तिशाली था कि उसने शनी को अपने पास बंदी बना लिया था.



10. रावण के दस सिर नहीं थे
अकसर रावण को दस सिरों वाला समझा जाता है, लेकिन ये सही नहीं है. रावण जब छोटे थे तब उनकी मां ने उन्हें 9 मोतियों वाला हार पहनाया था. उस हार में रावण के चेहरे की छाया दिखती थी. साथ ही ये भी कहा जाता है कि रावण के अंदर दस सिरों जितना दिमाग था. यही कारण था कि रावण को दशानन कहा गया है.



1. Knowledge of Vedas and Sanskrit
Ravana had knowledge of Vedas and Sanskrit. He was proficient in Sama Veda. He composed works like Shivtandava, Yudhisha Tantra and Prakutha Kamadhenu. Apart from the Sama Veda, he also had knowledge of the other three Vedas. Not only this, he also had mastery in the path. The verse path is one way to read the Vedas.


2. Knowledge of Ayurveda
Ravana also contributed a lot in Ayurveda. A book called Ark Prakash was also written by Ravana, which contains many information related to Ayurveda. Ravan also used to make such rice, which was rich in vitamins. He used to give these rice to Sita ji.



3. Well-versed in writing poems
Ravana was not just a warrior. He also composed many poems and verses. Shivtandava is one of these compositions. Ravana wrote an 'When will I be happy' to please Lord Shiva. Lord Shiva was so happy that he gave a boon to Ravana.


4. Knowledge of music also
Ravana was also fond of music. It was almost impossible to defeat Ravana in playing the Rudra Veena. Whenever Ravan was upset he used to play Rudra Veena. Not only this, Ravana also made a violin which was called Ravanahatha. Even today it is played in Rajasthan.



5. Also contribute to gynecology and pediatrics
With his knowledge of Ayurveda, Ravana also wrote many books on gynecology and pediatrics. More than 100 diseases have been written in these books. He wrote these books at the behest of his wife Mandodari.


6. Ravana helped Ram for the war
Lord Rama had to perform a yajna before building a bridge over the sea. The Yajna would be successful only when Goddess Sita sat with Lord Rama. Ravana himself brought Goddess Sita to fulfill the yagna of Rama. When Rama asked for Ravana's blessings after the yagna was over, Ravana said 'Be victorious'.


7. Sea of ​​Knowledge 'Ravan'
When Ravana was counting his last breath after the defeat in the war, Lord Rama asked Lakshmana to get knowledge from Ravana. Laxman sat near Ravana's head. Ravana told Laxman that if you want to get knowledge from your guru then you should always sit at his feet. This tradition is still going on today.


8. Sita was the daughter of Ravana
Ramayana has been adopted as a text in many countries. According to the Ramayana in Thailand, Sita was the daughter of Ravana, who was buried in the ground by Ravana after a prophecy. It was said in the prophecy that 'this girl will cause your death'. Later Goddess Sita met Janak. This was the reason that Ravana never misbehaved with Goddess Sita.



9. Ravana used to run planetary constellations according to his own
Before the birth of Meghnath, Ravana had decorated the planetary constellations according to his own, so that his future son would become immortal. But in the last moment, Shani had changed his gait. Ravana was so powerful that he took Shani captive with him.



10. Ravana did not have ten heads
Ravana is often considered ten-headed, but this is not true. When Ravana was younger, his mother gave him a 9-pearl necklace. Ravana's face was seen in that necklace. It is also said that Ravana had as much as ten heads inside his mind. This was the reason that Ravana has been called Dashaanan.

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