पहाड़ी मंदिर, रांची-Pahari Temple, Ranchi - ॐ जय माता दी ॐ

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“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥

Wednesday, 13 May 2020

पहाड़ी मंदिर, रांची-Pahari Temple, Ranchi





रांची रेलवे स्टेशन से 7 किलो मीटर की दुरी पर 'रांची हिल' पर शिवजी का अति प्राचीन मंदिर स्थित है जिसे की पहाड़ी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर धार्मिकता के साथ साथ देशभक्तो के बलिदान के लिए भी जाना जाता है। यह मंदिर देश का इकलौता ऐसा मंदिर है जहाँ 15 अगस्त और 26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' शान से फहराया जाता है। यह परम्परा यहां पर 1947 से ही चली आ रही है। देशभक्तो को यहां दी जाती थी फांसी पहाड़ी बाबा मंदिर का पुराना नाम टिरीबुरू था जो आगे चलकर ब्रिटिश हुकूमत के समय फाँसी टुंगरी में परिवर्तित हो गया क्योकि अंग्रेजो के राज़ में देश भक्तो और क्रांतिकारियों को यहां फांसी पर लटकाया जाता था। आजादी के बाद रांची में पहला तिरंगा धवज यही पर फहराया गया था जिसे रांची के ही एक स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण चन्द्र दास से फहराया था। उन्होंने यहाँ पर शहीद हुए देश भक्तो की याद व सम्मान में तिरंगा फहराया था तथा तभी से यह परम्परा बन गई की स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस को यहाँ पर तिरंगा फहराया जाता है। राष्ट्र ध्वज को धर्म ध्वज से ज्यादा सम्मान देते हुए उसे मदिर के ध्वज से ज्यादा ऊंचाई पर फहराया जाता है। पहाड़ी बाबा मंदिर में एक शिलालेख लगा है जिसमें 14 अगस्त, 1947 को देश की आजादी संबंधी घोषणा भी अंकित है। मंदिर से दिखती है रांची शहर की मनोरम छवि यह मंदिर समुद्र तल से 2140 मीटर तथा धरातल से 350 फ़ीट की ऊँचाई पर स्थित है। मंदिर तक पहुँचाने के लिए 468 सीढ़ियां चढनी पड़ती है। मंदिर प्रांगण से पुरे रांची शहर का खुबसूरत नज़ारा दिखाई देता है।पर्यावरण प्रेमियों के लिए भी यह मंदिर महत्वपूर्ण है क्योंकि पूरी पहाड़ी पर मंदिर परिसर के इर्द-गिर्द विभिन्न भाँति के हजार से अधिक वृक्ष हैं। साथ ही यहाँ से सूर्योदय और सूर्यास्त का अनुपम सौंदर्य भी देखा जा सकता है। पहाड़ी मंदिर में भगवान शिव की लिंग रूप में पूजा की जाती है। शिवरात्रि तथा सावन के महीने में यहां शिव भक्तों की विशेष भीड़ रहती है। पहाड़ी बाबा मंदिर परिसर में मुख्य रूप से सात मंदिर है

1. भगवान शिव मंदिर 2. महाकाल मंदिर 3. काली मंदिर 4. विश्वनाथ मंदिर 5. हनुमान मंदिर 6. दुर्गा मंदिर 7. नाग मंदिर पहाड़ी पर जितने भी मंदिर बने है उनमे नागराज का मंदिर सबसे प्राचीन है। माना जाता है की छोटा नागपुर के नागवंशियों का इतिहास यही से शुरू हुआ है। पहाड़ी के नीचे, जहां से की मंदिर की चढ़ाई शुरू होती है, एक झील है जिसे 'रांची लेक' कहते है इसका निर्माण 1842 में एक अंग्रेज़ कर्नल ओन्सेल ने करवाया था। झील पर नहाने के लिए पक्के घाट बने हुए है जहाँ पर भक्त मंदिर की चढ़ाई शुरू करने से पहले स्नान करते है।

Pahari Temple, Ranchi

At a distance of 7 km from Ranchi railway station is the ancient temple of Shivji located on 'Ranchi Hill', which is known as Pahari Temple. This temple is also known for the sacrifice of patriotism along with righteousness. This temple is the only temple in the country where the national flag 'Tricolor' is hoisted on 15 August and 26 January. This tradition has been going on here since 1947. Patriots used to be hanged here. The old name of Pahari Baba temple was Tiriburu which later changed to the hanging Tungri during the British rule as British devotees and revolutionaries were hanged here under British rule. After independence, the first tricolor flag was hoisted in Ranchi which was hoisted by a freedom fighter Krishna Chandra Das of Ranchi. He hoisted the tricolor in memory and honor of the martyrs who were martyred here and since then it has become a tradition that the tricolor is hoisted here on Independence Day and Republic Day. Paying more respect to the national flag than the religious flag, it is hoisted higher than the flag of the temple. The Pahari Baba temple has an inscription inscribed on 14 August 1947, proclaiming the independence of the country. Panoramic image of the city of Ranchi is seen from the temple. This temple is situated at an altitude of 2140 meters above sea level and 350 feet above ground level. To reach the temple one has to climb 468 steps. The temple courtyard offers a beautiful view of the entire city of Ranchi. This temple is also important for environmental lovers as there are more than a thousand trees of various kinds surrounding the temple complex on the entire hill. Apart from this, the unique beauty of sunrise and sunset can also be seen from here. Lord Shiva is worshiped in linga form in the hill temple. There is a special crowd of Shiva devotees here during the month of Shivaratri and Sawan. There are mainly seven temples in the hill Baba temple complex.

1. Lord Shiva Temple 2. Mahakal Temple 3. Kali Temple 4. Vishwanath Temple 5. Hanuman Temple 6. Durga Temple 7. Nag Temple The temple of Nagaraja is the oldest among all the temples built on the hill. It is believed that the history of Nagvans of Chota Nagpur started from here. At the bottom of the hill, from where the ascent of the temple begins, is a lake called 'Ranchi Lake', it was built in 1842 by an English colonel Onsell. There are paved ghats for bathing on the lake where the devotees take a bath before starting the ascent of the temple.

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